Sunday, 10 July 2022

गणेश जी की आरती

गणेश जी की आरती

सिद्धदाता गणेश काटो सकल क्लेश

सदा भवानी दाहिनी गौरी पुत्र गणेश ।

पांच देव रक्षा करें ब्रह्मा विष्णु महेश । ।

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा ।

माता जाकी पार्वती पिता महादेवा । । जय गणेश

एकदंत दयावंत चार भुजाधारी ।

मस्तक सिंदूर सोहे मूसे की सवारी । । जय गणेश

आंधन को आँख  देत कोढ़िन को काया ।

बांझन को पुत्र देत निर्धन को माया । । जय गणेश

हार चढ़े फल चढ़े और चढ़े मेवा ।

मोदक को भोग लगे, संत करे सेवा । । जय गणेश

दीनन की लाज राखो शंभु सुतवारी ।

कामना को पूरा करो जग बलिहारी । । जय गणेश

श्री गणेश वन्दना

वर्णानामर्थसंघानाम रसानाम छंदसामपि ।

मंगलानाम च कर्तारौ वंदे वाणीविनायकौ ।।

गजाननं भूतगणादिसेवितं कपित्थजंबू फल चारु भक्षणम ।

उमासुतं शोकविनाशकारकं नमामि विंधेश्वर पादपंकजम ।।


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