Monday, 11 July 2022

झाला भाग १

 

मारवाड़ी शादियोमे "बड़ी बिनोरी" का अलग महत्त्व रहता है। पहले बिनायक, बना बनी, वारना और अंत में सभी सखियाँ बना या बनी के दोनों तरफसे खड़े रहकर आपसमे झाला गाती है।  एक बार एक तरफ़की सखियाँ गाएंगी और बादमे दूसरे तरफ़की। यह केवल मनोरंजन के लिए ही नहीं बल्कि नवदंपति के लिए विवाहके बाद मिलने वाले सुखोकाभी वर्णन तथा वधूके श्रृंगार की पूरी मालूमात रहती है। इस में खास कर दो पक्षो के बीच एकतरह का हसी मजाक वाला मुकाबला होता है।

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छ छल्ला छ मुंदड़ा जीवो राजभवरजी छल्ला भरी परात।

एक छल्ला र कारण जीवो राजभवरजी छोड्या मायर बापक।

गोरीरा पिव पातळीया जीवो राजभवरजी झाला ले घर आय।

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चांदा थार चांदन , जीवो राजभवरजी पाणी  गईरे तलाव ,

काटो भाग्यो केरको, जीवो राजभवरजी उभी झोला झाला खाय क। गोरीरा ---

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कुन म्हारो काटो काढसी, जीवो राजभवरजी कुन पकड़ी पाँव ,

कुन म्हारो शिरो रांदसी, जीवो राजभवरजी कुन म्हारो सेके  पाँव क।  गोरीरा ---

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नाइ काटो काढसी, जीवो राजभवरजी रजिन्द् पकडे पाँव ,

सासुजी शिरो रांदसी, जीवो राजभवरजी बैजी सेके पाँव क। गोरीरा ---

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दोरो  काटो काढियो, जीवो राजभवरजी सोरो पकड्यो पाँव ,

काचो शिरो रांदियो, जीवो राजभवरजी बाईजी बाळयो पाँव क।  गोरीरा ---

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नाइकाने नोटका , जीवो राजभवरजी रजिन्द् ने सर पाग ,

सासुजीने सदी सावटी  जीवो राजभवरजी बाइजीने बाला चुन्दडी क। गोरीरा  ---

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चांदा थोर  चांदनी, जीवो राजभवरजी सूती पिलंग बिछाय ,

जब जागु  जब एकली , जीवो राजभवरजी जीव पियरी माय क।  गोरीरा ---

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