Friday, 9 September 2022

पितरों को हो गया था अजीर्ण रोग

 श्राद्ध का भोजन लगातार करने से पितरों को अजीर्ण (भोजन न पचना) रोग हो गया और इससे उन्हें कष्ट होने लगा। तब वे ब्रह्माजी के पास गए और उनसे कहा कि- श्राद्ध का अन्न खाते-खाते हमें अजीर्ण रोग हो गया है, इससे हमें कष्ट हो रहा है, आप हमारा कल्याण कीजिए।

पितरो की बात सुनकर ब्रह्माजी बोले- मेरे निकट ये अग्निदेव बैठे हैं, ये ही आपका कल्याण करेंगे।

अग्निदेव बोले- पितरों। अब से श्राद्ध में हम लोग साथ ही भोजन किया करेंगे। मेरे साथ रहने से आप लोगों का अजीर्ण दूर हो जाएगा। यह सुनकर देवता व पितर प्रसन्न हुए। इसलिए श्राद्ध में सबसे पहले अग्नि का भाग दिया जाता है।


=============================

Please check these links:

My Blogs:

1) Cultivate Study

2) Law Notes Dynamo

3) Tenacious Reading

Facebook Page:

रोहिणी ब्लॉग्स और वीडियो कलेक्शन

YouTube Channels:

1) Rinki’s Creative Channel

2) One Liners

Telegram channel

Blogs and Videos by Rinki_Rohini

======================

No comments:

Post a Comment

बाली

  बाली को ब्रम्हा जी से ये वरदान प्राप्त हुआ   की, 'जो भी उससे युद्ध करने उसके सामने आएगा ,  उसकी आधी ताक़त बाली के शरीर मे चली जायेगी , ...